हिंदी काव्यरचना
🙏🏻 *हे गुरुवर...*🙏🏻
हे गुरुवर हे कृपानिधान
चरणधूल तेरी जो मिल जाए
जनमजनम का मिटे अंधेरा
जीवनपथ ये सँवर जाए... धृ
है भाग बडे जो गुरु आपने
प्रदान हमें यह भक्ती की...
जन्मों से राह तकी जिसकी
हरीनाम की अद्भुत शक्ती दी...
मिट जाए सारे पापबोझ
हमें मार्ग मुक्तीका मिल जाए...
जनमजनम का मिटे अंधेरा
जीवनपथ ये सँवर जाए....||१||
गुरुचरणों की हम सेवा कर
नीतनीत मन अपना शुद्ध करे...
नौका तर जाए जीवन की
वह दिव्यज्ञान हम प्राप्त करे...
कर्तव्य कोई ना छुटे कभी
हर सांस नाम से सज जाए...
जनमजनम का मिटे अंधेरा
जीवनपथ ये सँवर जाए.... ||२||
गीतरचना
©शिल्पा म वाघमारे
सहशिक्षिका मालेगाव खुर्द ता गेवराई जि बीड
५.०७.२०२०
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